Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
à¤à¤• आम गलत धारणा है कि मटà¥à¤ ा पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ केवल बॉडी बिलà¥à¤¡à¤° और मसà¥à¤•ली पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के लिठहै। यह अकà¥à¤¸à¤° माना जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बॉडी बिलà¥à¤¡à¤° और अनà¥à¤¯ à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿ उचà¥à¤š सांदà¥à¤°à¤¤à¤¾ वाले पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ पाउडर और मसल गेनर के साथ पूरक होते हैं। वयसà¥à¤• पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ पाउडर अकà¥à¤¸à¤° पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं जिनमें से कà¥à¤› में पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सेवारत 50 गà¥à¤°à¤¾à¤® तक पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ होता है। इस पà¥à¤°à¤•ार के चूरà¥à¤£ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठनहीं बनाठजाते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ को पचाने में अधिक कठिन समय होता है। आगे वयसà¥à¤• पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ पाउडर में अनà¥à¤¯ अवयव à¤à¥€ शामिल हो सकते हैं और इसमें कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨ à¤à¥€ शामिल हो सकता है जो यà¥à¤µà¤¾à¤“ं या बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नहीं है।
मटà¥à¤ ा पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ गाय के दूध से वà¥à¤¯à¥à¤¤à¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ है और वासà¥à¤¤à¤µ में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठपूरी तरह से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है।
मटà¥à¤ ा पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ कà¥à¤¯à¤¾ है?
मटà¥à¤ ा पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ पनीर निरà¥à¤®à¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का उप-उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ है। मटà¥à¤ ा आसानी से पचने वाला पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का उचà¥à¤š गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ वाला सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है जिसका हमारे शरीर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कà¥à¤¶à¤²à¤¤à¤¾à¤ªà¥‚रà¥à¤µà¤• उपयोग किया जाता है।
शिशॠके दूध के फारà¥à¤®à¥‚ले में मटà¥à¤ ा पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨
आप अधिकांश शिशॠफारà¥à¤®à¥‚ले में मटà¥à¤ ा पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ को à¤à¤• घटक के रूप में सूचीबदà¥à¤§ à¤à¥€ देख सकते हैं। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहै कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह à¤à¤• पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र दूध है जो अमीनो à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और अनà¥à¤¯ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤¾ होता है जो वृदà¥à¤§à¤¿ और विकास का समरà¥à¤¥à¤¨ करते हैं। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ सलाह इंगित करती है कि मटà¥à¤ ा आधारित बेबी फॉरà¥à¤®à¥‚ला का उपयोग पहले वरà¥à¤· के दौरान किया जाना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह सà¥à¤¤à¤¨ के दूध की नकल करता है।
मटà¥à¤ ा पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के लाà¤
मटà¥à¤ ा पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ को पचाने में सबसे आसान पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ कहा जाता है, इसलिठइसका उपयोग बेबी फॉरà¥à¤®à¥‚ला में, शेक और सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ में किया जाता है। मटà¥à¤ ा पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ सबसे तेजी से अवशोषित पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ में से à¤à¤• है, इसका मतलब है कि अमीनो à¤à¤¸à¤¿à¤¡ तेजी से रकà¥à¤¤à¤ªà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर सकते हैं, जो आदरà¥à¤¶ मांसपेशी पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ संशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ है।
à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿ और वे लोग जो मटà¥à¤ ा पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से बड़े पैमाने पर लाठपà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करना चाहते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि लगातार शारीरिक गतिविधि के कारण मांसपेशियां फट जाती हैं और हमें उस मांसपेशी के पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤®à¤¾à¤£ और मरमà¥à¤®à¤¤ के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। कई अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ ने संकेत दिया है कि मटà¥à¤ ा पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ ताकत बढ़ाने और मांसपेशियों की वृदà¥à¤§à¤¿ के लिठफायदेमंद है।
मटà¥à¤ ा à¤à¤• उचà¥à¤š पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ पदारà¥à¤¥ है, लेकिन इसमें वसा और कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ à¤à¥€ होते हैं। उपरोकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध में आमतौर पर लगà¤à¤— 3.5% पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, 4% वसा और 4.6% लैकà¥à¤Ÿà¥‹à¤œ होता है। मटà¥à¤ ा अकà¥à¤¸à¤° वसा और लैकà¥à¤Ÿà¥‹à¤œ को हटाने के लिठरखा जाता है, इसे पृथक मटà¥à¤ ा कहा जाता है। पृथक मटà¥à¤ ा या मटà¥à¤ ा पृथक में पà¥à¤°à¤¤à¤¿ गà¥à¤°à¤¾à¤® अधिक पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अनà¥à¤¯ घटकों को हटा दिया जाता है। जो लोग लैकà¥à¤Ÿà¥‹à¤œ असहिषà¥à¤£à¥ होते हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अकà¥à¤¸à¤° मटà¥à¤ ा आइसोलेट पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का सेवन करने में कोई समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि लैकà¥à¤Ÿà¥‹à¤œ हटा दिया जाता है, हालांकि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सलाह दी जाती है कि लैकà¥à¤Ÿà¥‹à¤œ के कà¥à¤› निशान अà¤à¥€ à¤à¥€ मौजूद हो सकते हैं।
मटà¥à¤ ा पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾
मटà¥à¤ ा गाय के दूध में पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से पाया जाने वाला पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ है।
जब गाय के दूध में रेनेंट (à¤à¤‚जाइम का मिशà¥à¤°à¤£) मिलाया जाता है तो दूध फट जाता है और अलग हो जाता है।
दही वाले दूध का उपयोग पनीर और केसीन जैसे अनà¥à¤¯ डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ बनाने के लिठकिया जाता है।
उप-उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ जो à¤à¤• बार दही वाले दूध से अलग हो जाता है, वह तरल मटà¥à¤ ा होता है।
तरल मटà¥à¤ ा जीवाणà¥à¤“ं को हटाने के लिठपासà¥à¤šà¥à¤°à¥€à¤•ृत हो जाता है और फिर परिचित पाउडर उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ बनाने के लिठसूख जाता है जिसे हम अलमारियों पर पाते हैं या शिशॠफारà¥à¤®à¥‚ले में उपयोग करते हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |